

"झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए वरना कार से 82 पैकेटों में छिपाकर ले जाया जा रहा 164 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।"
झारखंड के चतरा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। चतरा-जोरी मुख्य मार्ग पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक सफेद वरना कार से 164 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में इस बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस को देखते ही कार में सवार तस्कर वाहन को मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गए।
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को जिले में भारी मात्रा में मादक पदार्थों की खेप आने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर एसडीपीओ सदर सन्नी वर्धन के नेतृत्व में चतरा-जोरी मुख्य मार्ग पर डाढा मोड़ के पास एक विशेष एंटी क्राइम चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान चतरा की ओर से आ रही तेज रफ्तार सफेद वरना कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। तस्करों ने वाहन रोकने के बजाय उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने पर वे ग्राम सिकीद के पास नदी किनारे गाड़ी छोड़कर भाग निकले।

फरार तस्करों द्वारा छोड़ी गई वरना कार की जब पुलिस ने गहन तलाशी ली, तो उसमें से कुल 82 पैकेटों में भरकर रखा गया 164 किलोग्राम गांजा मिला। पुलिस ने गांजे के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही उस लग्जरी कार को भी जब्त कर लिया है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP14CF-5803 है। प्रारंभिक जांच और कयासों के अनुसार, इस भारी-भरकम खेप को पड़ोसी राज्य बिहार ले जाया जा रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से यह मंसूबा नाकाम हो गया।
सदर थाना में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि फरार आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस सफल अभियान में सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव, एएसआई सफिक अंसारी समेत सदर थाना के अन्य पुलिसकर्मी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।





