

"चाईबासा-हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर भालूलता और जराईकेला के बीच एक लॉन्ग हॉल मालगाड़ी के दो डिब्बे अलग हो गए, जिससे मुख्य लाइन पर परिचालन बाधित हुआ।"
चाईबासा-हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब भालूलता और जराईकेला रेलवे स्टेशनों के बीच एक लॉन्ग हॉल मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में बंट गई। यह घटना किलोमीटर संख्या 387/4 के पास हुई, जहां मालगाड़ी के पीछे के दो डिब्बे बाकी ट्रेन से पूरी तरह अलग हो गए। इस तकनीकी खराबी के चलते मुख्य रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन कुछ समय के लिए बाधित हो गया, हालांकि तीसरी रेल लाइन चालू रहने के कारण यात्रियों को बड़ी राहत मिली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चलती हुई मालगाड़ी के दोनों डिब्बों को आपस में जोड़ने वाला कपलिंग उपकरण यानी नकल अचानक खुलकर पटरी पर जा गिरा। ट्रेन के गार्ड या ट्रेन मैनेजर ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत इसकी सूचना लोको पायलट को दी। चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल आपातकालीन ब्रेक लगाए और मालगाड़ी को सुरक्षित रोक लिया, जिससे किसी भी तरह की बड़ी दुर्घटना होने से टल गई।

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और तकनीकी विभाग के अधिकारी तुरंत हरकत में आए और मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लेने के बाद मालगाड़ी के मुख्य हिस्से को चक्रधरपुर की ओर रवाना किया गया, जबकि पटरी पर छूटे दोनों डिब्बों को दूसरे इंजन की मदद से सुरक्षित वापस बंडामुंडा रेल यार्ड लाया गया। तीसरी लाइन वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करती रही, जिससे लंबी दूरी की एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनों की आवाजाही पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ा।
फिलहाल रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर चलते ट्रेन में कपलिंग कैसे खुली और डिब्बे अलग होने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस तकनीकी खामी की असल वजह सामने आ सकेगी। इस पूरी घटना में गनीमत यह रही कि किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।





