

"अयोध्या के राम मंदिर की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए तिरुपति मंदिर के तर्ज पर CEO का पद सृजित किया जा सकता है। नृपेंद्र मिश्रा को इस भूमिका के लिए मुख्य दावेदार माना जा रहा है।"
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में आने वाले समय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब मंदिर की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तिरुपति बालाजी मंदिर के मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रहा है। इसी के तहत पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद सृजित करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा को इस नई जिम्मेदारी के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार माना जा रहा है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रस्तावित CEO का मुख्य कार्य मंदिर के वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक कार्यों और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। अयोध्या में दर्शन करने आने वाले भक्तों की बढ़ती संख्या और मंदिर के विस्तारित ढांचे को देखते हुए, ट्रस्ट एक पेशेवर प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
हालिया व्यवस्थागत चुनौतियों और विवादों के बाद, प्रशासन को और अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा, जिसके बाद ही नियुक्ति को लेकर औपचारिक घोषणा संभव है।





