

"झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।"
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा छाया रहा। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने JSSC CGL, JPSC और सहायक आचार्य नियुक्ति समेत कई परीक्षाओं में धांधली का आरोप लगाते हुए अदालत की निगरानी में CBI जांच की पुरजोर मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने सदन में आरोप लगाया कि राज्य के युवा पेपर लीक और अन्य विसंगतियों के कारण लगातार आंदोलन करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, 'युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच अनिवार्य है।'
सरकार की ओर से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि विपक्ष सदन में अपने आरोप रख सकता है और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं, विधायक प्रदीप यादव ने CID जांच का बचाव करते हुए कहा कि अब तक दो दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। उन्होंने CBI को राजनीतिक एजेंसी बताते हुए उस पर भी सवाल खड़े किए।
सत्ता पक्ष के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने इस मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी पर पलटवार करते हुए पुरानी नियुक्तियों में उनके रिश्तेदारों के चयन का मामला उठाकर सियासत को और गरमा दिया। परीक्षाओं की सुचिता को लेकर जारी यह संग्राम अब झारखंड की राजनीति का मुख्य केंद्र बन चुका है।





