

"कांग्रेस ने देशभर में 'छात्रों की गूंज' अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है। पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने छात्रों की समस्याओं को उठाने के लिए 22 जुलाई को बड़े संवाद कार्यक्रम के निर्देश दिए हैं।"
कांग्रेस पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने 'छात्रों की गूंज' अभियान को राष्ट्रव्यापी स्तर पर तेज करने का ऐलान किया है। पार्टी के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने देशभर के सभी पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे 22 जुलाई को शैक्षणिक परिसरों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग केंद्रों में जाकर छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित करें।
पार्टी का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक, परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता और बढ़ती बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं को मजबूती से उठाना है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस अभियान की शुरुआत 17 जून 2026 को राजस्थान के कोटा से की थी।

के.सी. वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पार्टी नेताओं के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि युवाओं का समर्थन करना कांग्रेस की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अभियान के तहत मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के विजन को छात्रों तक पहुँचाया जाएगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम केवल एकतरफा भाषण नहीं होगा, बल्कि इसमें छात्र अपनी समस्याओं और सुझावों को खुलकर साझा कर सकेंगे, ताकि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।




