

"मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं और ग्रिड विस्तार कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है।"
झारखंड में बिजली की लचर व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य के हर घर तक निर्बाध बिजली पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हेमंत सोरेन ने ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइन के विस्तार में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे युद्ध स्तर पर पूरा करने को कहा है। बैठक में हजारीबाग, बोकारो और धनबाद के उपायुक्तों के साथ पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वन क्षेत्र और अन्य प्रशासनिक बाधाओं को आपसी समन्वय से तत्काल दूर किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि झारखंड में लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने सभी जिला प्रशासनों को लंबित बिजली परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का आदेश दिया है ताकि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिल सके।





