

"पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में गंगा नदी में नाव पलटने से 10 बांग्लादेशी नागरिक डूब रहे थे, जिन्हें BSF जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।"
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में गंगा नदी की तेज धाराओं के बीच एक बड़ा हादसा होने से टल गया। 12 सितंबर 2026 की शाम को नदी में एक नाव पलट जाने के कारण 10 बांग्लादेशी नागरिक डूबने लगे थे, जिनमें तीन महिलाएं, तीन बच्चे और चार पुरुष शामिल थे। सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
घटना की जानकारी देते हुए BSF के अधिकारियों ने बताया कि मालदा सेक्टर की 71वीं बटालियन के जवान बॉर्डर आउट पोस्ट खंडुआ के पास तैनात थे। जवानों ने जैसे ही नदी के बहाव में लोगों को संघर्ष करते हुए देखा, उन्होंने बिना समय गंवाए अपनी स्पीड बोट उतारी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जवानों ने बड़ी मशक्कत से डूब रहे सभी 10 लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू किए गए लोगों में 30 दिन का एक नवजात शिशु भी शामिल था, जिसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। BSF जवानों ने मानवता का परिचय देते हुए तत्काल उसे प्राथमिक उपचार प्रदान किया और नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया। समय पर मिली चिकित्सकीय सहायता के कारण अब शिशु की स्थिति खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।
पूछताछ में पता चला कि ये सभी बांग्लादेश के जोहारपुर गांव के निवासी हैं और नदी पार करते समय अचानक नाव पलटने से भारतीय सीमा की ओर बह आए थे। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, BSF ने सभी 10 बांग्लादेशी नागरिकों को मानवीय आधार पर 53वीं बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को सौंप दिया है।



