

"रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंच चुके हैं। इस दौरे को भारत और रूस के बीच रणनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।"
18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत आगमन हुआ है। नई दिल्ली पहुंचने पर उनका एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें साझा करते हुए राष्ट्रपति पुतिन का आधिकारिक रूप से स्वागत किया।
राष्ट्रपति पुतिन की अगवानी के लिए भारत सरकार की ओर से राज्य मंत्री के.वी. सिंह एयरपोर्ट पर मौजूद थे। यह स्वागत समारोह दोनों देशों के बीच दशकों पुराने और मजबूत रणनीतिक एवं कूटनीतिक रिश्तों को दर्शाता है। इस यात्रा के दौरान शिखर सम्मेलन के मुख्य एजेंडे के अलावा भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों पर भी विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।


भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और परमाणु सहयोग जैसे क्षेत्रों में दशकों से गहरा संबंध रहा है। भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहे इस BRICS शिखर सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, वैश्विक दक्षिण (Global South) की भूमिका, व्यापारिक तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर व्यापक मंथन किया जाएगा।
मौजूदा भू-राजनीतिक बदलावों के बीच राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण है। दुनिया की निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली संभावित बैठक पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS 2026 के मंच से भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी को भविष्य के लिए एक नई और मजबूत दिशा मिल सकती है।




