

"ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की जेल की स्थिति पर चिंता जताते हुए उनकी रिहाई के लिए ब्रिटेन से हस्तक्षेप की मांग की है।"
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की जोरदार मांग की है। एक मीडिया लेख में जॉनसन ने ब्रिटिश सरकार से अपील की है कि वह पाकिस्तान पर अपने कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करे, ताकि जेल में बंद इमरान खान को जल्द से जल्द आजाद कराया जा सके। उन्होंने इमरान की जेल की परिस्थितियों को बेहद गंभीर करार दिया है।
अपने लेख में जॉनसन ने दावा किया है कि इमरान खान को एक छोटी सी सेल में रखा गया है और उन्हें एकांतवास का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ये दावे उनके अपने राजनीतिक आकलन और आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया गया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि खान को जेल नियमों के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं और मेडिकल सहायता दी जा रही है।

इमरान खान वर्तमान में अल-क़ादिर ट्रस्ट मामले में सजा काट रहे हैं और उनकी लीगल टीम लगातार उनकी रिहाई और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रयास कर रही है। सितंबर की शुरुआत में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया था कि उन्हें एकांत कारावास में न रखा जाए और परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए। खान खुद पर लगे तमाम आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
दूसरी ओर, ब्रिटिश सरकार का आधिकारिक रुख यह है कि पाकिस्तान की न्यायिक प्रक्रिया उसका आंतरिक मामला है, लेकिन ब्रिटेन ने यह भी उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान निष्पक्ष सुनवाई, मानवीय हिरासत और उचित चिकित्सा सुविधाओं जैसे मौलिक अधिकारों का सम्मान करेगा। ब्रिटिश अधिकारियों ने इस संबंध में पाकिस्तानी समकक्षों के साथ बातचीत भी की है।


