

"बोकारो पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के 17 पीड़ितों को उनके करीब 5 लाख रुपये वापस दिलाए हैं। अधिकारियों ने तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की सलाह दी है।"
बोकारो में साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने और पीड़ितों को राहत देने के लिए बोकारो पुलिस लगातार सक्रिय कदम उठा रही है। हालिया कार्रवाई के तहत पुलिस ने साइबर फ्रॉड के शिकार हुए 17 पीड़ितों के खातों में करीब 5 लाख रुपये की राशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। बोकारो पुलिस के अनुसार, समय पर की गई शिकायतों और तकनीकी जांच के आधार पर अब तक कुल 59 पीड़ितों को आर्थिक राहत पहुंचाई जा चुकी है, जो साइबर सेल की कार्यकुशलता को दर्शाता है।
साइबर ठगी का ऐसा ही एक मामला बोकारो के प्रवीण कुमार के साथ सामने आया था, जिनके बैंक खाते से महज एक मिनट के भीतर 5 लाख रुपये की बड़ी रकम उड़ा ली गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वित्तीय लेनदेन को ट्रैक किया और रकम को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस की इस कानूनी और तकनीकी प्रक्रिया के फलस्वरूप प्रवीण कुमार को उनके 2 लाख 79 हजार रुपये वापस मिल गए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर फ्रॉड की वारदातों में 'गोल्डन ऑवर' यानी शिकायत दर्ज कराने का समय सबसे अहम होता है। घटना के तुरंत बाद 1930 साइबर हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई रकम को संबंधित बैंकों में फ्रीज या होल्ड कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। देरी होने पर ठग रकम को कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे उसे वापस लाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
बता दें कि बोकारो पुलिस इससे पहले भी कई मामलों में अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों तक पहुंचने में कामयाब रही है। हाल ही में आगरा से दो आरोपियों की गिरफ्तारी इसका उदाहरण है, जिन्होंने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक महिला से 4.5 लाख रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए 1930 पर कॉल करें और तुरंत अपने बैंक को भी इसकी सूचना दें।





