

"झारखंड के बेरमो में सीसीएल ढोरी जीएम ऑफिस के पास भीषण भू-धंसान से अफरा-तफरी मच गई है। महज चार दिनों में जमीन करीब पांच फीट धंसने के बाद फुसरो-कथारा मेन रोड को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।"
झारखंड के बेरमो इलाके में सीसीएल ढोरी जीएम ऑफिस के मेन गेट के पास अचानक हुए भीषण भू-धंसान ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले चार दिनों के भीतर यहां की जमीन करीब पांच फीट नीचे धंस चुकी है, जिसके कारण मुख्य सड़क और उसके आसपास की जमीनों पर बड़ी-बड़ी और गहरी दरारें पड़ गई हैं। इस विकराल होती स्थिति को देखते हुए आसपास के पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।
इस भयानक भू-धंसान की चपेट में आने से सड़क किनारे स्थित लगभग पांच अस्थायी दुकानें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत यह रही कि जिला प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन ने एहतियाती कदम उठाते हुए समय रहते दुकानदारों को वहां से सुरक्षित हटा दिया था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, दुकानदारों की आजीविका पर संकट जरूर गहरा गया है।

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बेरमो प्रशासन ने तुरंत कड़े कदम उठाए और सुरक्षा के लिहाज से फुसरो-कथारा मुख्य मार्ग पर वाहनों और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी है। मौके पर सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तैनात कर दी गई है जो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में इस खतरनाक और धंसे हुए इलाके के नजदीक न जाएं।
बता दें कि इस क्षेत्र में भूमिगत खदानों और कोयले के अवैध या पुराने उत्खनन के कारण अक्सर इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे ग्रामीण और राहगीर हमेशा खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं। अब देखना यह होगा कि सीसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन इस मुख्य मार्ग को बहाल करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।





