

"रांची नगर निगम के कामकाज पर बाबूलाल मरांडी के हमलों के बाद झामुमो ने उन पर झारखंडियों के प्रति नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया है।"
रांची नगर निगम के कामकाज को लेकर छिड़े विवाद के बीच झारखंड की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों का जवाब देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने उन पर तीखा पलटवार किया है। झामुमो ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से मरांडी पर झारखंड के निवासियों के प्रति नफरत फैलाने की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
झामुमो ने अपने पोस्ट में बाबूलाल मरांडी को सीधे टैग करते हुए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या मरांडी दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसी किसी घटना को झारखंड में दोहराना चाहते हैं। झामुमो का कहना है कि बीजेपी जानबूझकर राज्य के लोगों को परेशान करना चाहती है ताकि उनकी समस्याएं राजनीतिक साजिशों के भेंट चढ़ती रहें और प्रदेश की जनता दुखी रहे।

गौरतलब है कि बाबूलाल मरांडी ने पिछले कुछ दिनों में रांची नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए थे। उन्होंने नगर आयुक्त के कामकाज, लंबित भवन नक्शों की स्वीकृति, ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स से जुड़े नोटिस और खादगढ़ा बस स्टैंड के टेंडर मामले में पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न उठाए थे। मरांडी ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि वे सत्ता के इशारे पर काम करने के बजाय जनहित को प्राथमिकता दें।
इस पूरे घटनाक्रम पर झामुमो ने तंज कसते हुए बाबूलाल मरांडी को 'गेट वेल सून' की नसीहत दी है। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष में होने के बावजूद मरांडी की कार्यशैली झारखंडी अस्मिता के खिलाफ है। बीजेपी और झामुमो के बीच बढ़ती यह जुबानी जंग आने वाले समय में राज्य के राजनीतिक समीकरणों और मुद्दों को और भी अधिक तीखा बनाने की ओर संकेत कर रही है।


