

"बोकारो स्टील प्लांट के खिलाफ विस्थापितों के 7 दिनों से जारी धरने पर भाजपा नेता अमर बाउरी ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।"
झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट (BSL) प्रबंधन के खिलाफ विस्थापितों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने राज्य सरकार तथा स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि विस्थापित पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी पहल नहीं की गई है, जो प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है।
अमर बाउरी ने बोकारो के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) से तीखे सवाल पूछते हुए कहा कि इतने दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद विस्थापितों और BSL प्रबंधन के बीच अब तक औपचारिक वार्ता क्यों नहीं कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और बातचीत के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन की इस निष्क्रियता से आंदोलन और अधिक विक्राल रूप ले सकता है।

भाजपा नेता ने इस दौरान कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि कांग्रेस इस संवेदनशील आंदोलन के जरिए केवल राजनीतिक लाभ लेने की फिराक में है। उन्होंने कहा कि विस्थापितों की वास्तविक समस्याओं का समाधान होना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि इस पर गंदी राजनीति करना। इसके अलावा, उन्होंने आगामी दुर्गा पूजा के त्योहारी सीजन के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए प्रशासन को आगाह किया।
अपनी बात को समाप्त करते हुए अमर बाउरी ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि आंदोलन के दौरान कोई भी अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने एक बार फिर सरकार से मांग की है कि वह बिना किसी राजनीतिक विमर्श के तुरंत विस्थापितों की मांगों पर संज्ञान ले और BSL प्रबंधन के साथ उनकी बैठक आयोजित कर मामले का शांतिपूर्ण हल निकाले।





