

"अयोध्या के राम मंदिर में दान और कीमती सामान की चोरी के आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार आधिकारिक बयान जारी कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।"
अयोध्या के राम मंदिर में दान और कीमती सामानों की कथित चोरी के मामले पर आखिरकार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। ट्रस्ट ने शनिवार को एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ट्रस्ट ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाओं से वे बेहद चिंतित हैं। श्रद्धालुओं की आस्था उनके लिए सर्वोपरि है, जिसके मद्देनजर पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जा रही है। विज्ञप्ति के अनुसार, ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्र प्राप्त हुए हैं, जिन पर आगामी बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर में अर्पित की गई चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य मूल्यवान वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका विधिवत रिकॉर्ड मौजूद है। दानपात्र में गड़बड़ी के आरोपों पर ट्रस्ट ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
अंत में, ट्रस्ट ने रामभक्तों से सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों पर विश्वास न करने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।



