

"ओमान में फर्जी एजेंट के चंगुल में फंसी झारखंड की प्रीति कुजूर की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हुई है। सीएम हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप के बाद 2 अगस्त को वह अपने घर पहुंचेंगी।"
झारखंड के सिमडेगा जिले की रहने वाली प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश और राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष के सक्रिय प्रयासों से प्रीति ओमान (मस्कट) से वापस लौट रही हैं।
मामला क्या था?
प्रीति कुजूर मार्च 2024 में एक फर्जी एजेंट के झांसे में आकर विदेश गई थीं। एजेंट ने उन्हें दुबई में अच्छी सैलरी का प्रलोभन दिया था, लेकिन धोखे से उन्हें ओमान भेज दिया गया। वहां न केवल उनका वेतन कम कर दिया गया, बल्कि वापस लौटने के एवज में कंपनी मालिक द्वारा भारी रकम की मांग की गई। प्रीति के परिवार ने पहले ही 1.92 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था, बावजूद इसके उन्हें बंधक बनाकर रखा गया था।
राज्य सरकार का हस्तक्षेप
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल हस्तक्षेप किया। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के तहत काम करने वाले राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास, मस्कट और प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (POE), रांची के साथ समन्वय स्थापित किया। लंबी बातचीत के बाद कंपनी मालिक की मांग को कम कराया गया और प्रीति के जरूरी दस्तावेज हासिल किए गए।
प्रीति 1 अगस्त को मस्कट से भारत के लिए रवाना हो चुकी हैं और 2 अगस्त को वह अपने गृह राज्य झारखंड पहुंच जाएंगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में कार्यरत झारखंड के प्रवासियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और संकट में फंसे श्रमिकों के लिए नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत है।





