

"जेएसएससी-जेपीएससी विवाद को लेकर हुए प्रदर्शन में हंगामे के बाद रांची पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। बैरिकेड तोड़ने और पुलिस पर पथराव के आरोप में 500 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।"
झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान हुए भारी हंगामे और उपद्रव को लेकर रांची पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 10 अगस्त को आयोजित प्रदर्शन के बाद, विधानसभा थाना में करीब 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए निलाद्री भवन और योगदा सत्संग के पास लगे बैरिकेड और ड्रॉप गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस का आरोप है कि उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात जवानों और दंडाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की, साथ ही पानी की बोतलें और पत्थर भी फेंके। इस घटना में गोड्डा के प्रशिक्षु आरक्षी फाल्गुनी यादव समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
भीड़ का एक हिस्सा नए विधानसभा परिसर के गेट नंबर-1 तक पहुंच गया था, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। विधानसभा थाना में कांड संख्या 61/2026 दर्ज की गई है। पुलिस अब घटनास्थल के वीडियो फुटेज और तस्वीरों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं लोगों को आरोपी बनाया जाएगा जिनके खिलाफ कानून व्यवस्था बिगाड़ने के ठोस साक्ष्य मिलेंगे।





