

"ओडिशा के धामनगर में बाढ़ की विभीषिका के बीच लापता हुआ एक युवक पांच दिनों तक ताड़ के पेड़ के सहारे जीवित रहा, जिसे रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला है।"
ओडिशा के धामनगर ब्लॉक में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बाढ़ के पानी में बहे एक युवक ने पांच दिनों तक मौत को मात दी। मुक्तानगर गांव के निवासी सुनंद बेहरा बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे, जिसके बाद से वे लापता थे।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, तेज बहाव में बहने के बाद सुनंद ने सूझबूझ दिखाते हुए एक ताड़ के पेड़ को कसकर पकड़ लिया और लगातार पांच दिनों तक उसी के सहारे अपनी जान बचाते रहे। उनके परिवार और ग्रामीण लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल रहा था।
मंगलवार को ODRAF की टीम और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान बजापति पड़िया इलाके में सुनंद को जीवित देखा गया। रेस्क्यू टीम ने उन्हें तत्काल बाहर निकालकर बालिपटना मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया। डॉक्टर उनकी हालत गंभीर बता रहे हैं, क्योंकि वे काफी लंबे समय तक पानी और विपरीत परिस्थितियों में रहे। बताया जा रहा है कि सुनंद मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं।
इधर, धामनगर में बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। नदियों और निचले इलाकों में जलस्तर अधिक होने के कारण स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी जा रही है।
