

"झारखंड के गढ़वा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में पेयजल की भारी किल्लत के कारण छात्राओं के बीमार पड़ने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 5 कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि तोड़फोड़ के आरोप में 259 लोगों पर FIR दर्ज की गई है।"
झारखंड के गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) की जांच में खुलासा हुआ है कि विद्यालय में सैकड़ों छात्राओं के बीमार पड़ने का मुख्य कारण उन्हें पीने का पानी उपलब्ध न कराना था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, जिस कमरे में चापाकल (हैंडपंप) लगा था, उसमें विद्यालय प्रबंधन ने ताला लगा रखा था। इस अमानवीय व्यवहार के कारण छात्राएं प्यासी रहीं और बिना पानी के भोजन करने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। गढ़वा के उपायुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्राओं को अक्सर पानी के लिए तरसाया जाता था।
इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विद्यालय की वार्डेन, दो शिक्षिकाओं, एक गार्ड और एक रसोइया को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया गया है। इसके अलावा, लापरवाही बरतने वाले प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) के वेतन पर भी रोक लगा दी गई है।
वहीं, दूसरी ओर घटना के बाद विद्यालय परिसर में हुई तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 9 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन ने अब विद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।





