

"झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर छात्रों को उकसाकर राज्य का माहौल बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है।"
रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद पांडेय ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर पलटवार करते हुए उन पर छात्रों को ढाल बनाकर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए कोचिंग माफिया के साथ मिलकर युवाओं को उकसाने का काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि झामुमो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन आंदोलन के नाम पर हिंसा और अराजकता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाबूलाल मरांडी के बयानों को हताशा का परिणाम बताते हुए पांडेय ने कहा, 'यदि भाजपा को वास्तव में छात्रों की चिंता है, तो उन्हें सरकार के साथ संवाद करना चाहिए न कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करनी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और किसी को भी छात्रों की भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अंत में, विनोद पांडेय ने चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ प्रशासन निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





