

"JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे बीजेपी नेताओं को हिरासत में लेने पर सियासत तेज हो गई है। बीजेपी ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया है।"
झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर छिड़ा विवाद अब एक बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं को 10 घंटे बाद भी रिहा नहीं किए जाने पर पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने इसे 'तानाशाही' करार देते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को बिना किसी ठोस कारण के हिरासत में रखना लोकतंत्र के लिए एक 'काला दिवस' है। उन्होंने मांग की कि या तो नेताओं को जेल भेजा जाए या फिर उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।
हिरासत में लिए गए प्रमुख नेताओं में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और सांसद दीपक प्रकाश शामिल हैं। अमर कुमार बाउरी ने विधानसभा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और पूछा कि जब सदन चल रहा है, तो विपक्ष के विधायकों को बाहर रखकर कार्यवाही कैसे संभव है।
बीजेपी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनहित के मुद्दों को दबाने के लिए दमनकारी नीति अपना रही है, जिससे राज्य में छात्र आंदोलन और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल गहरा गया है।





