

"अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर पूर्व जनरल जैक कीन ने पाकिस्तान पर पक्षपाती होने का आरोप लगाया है, जिससे कूटनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।"
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे कूटनीतिक प्रयासों के दौरान पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ट्रंप समर्थक और सेवानिवृत्त अमेरिकी जनरल जैक कीन ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में पाकिस्तान और कतर को लेकर तीखी टिप्पणी की है।
जनरल जैक कीन ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान और कतर जैसे देश निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभा सकते, क्योंकि उनका झुकाव स्पष्ट रूप से ईरान के पक्ष में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने अपनी मध्यस्थता में अमेरिकी हितों के बजाय ईरानी हितों को प्राथमिकता दी है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ तनाव को कम करने के लिए नई कूटनीतिक रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। कीन का मानना है कि पाकिस्तान का पक्षपाती रवैया पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।





