
"झारखंड के गिरिडीह में सात दिनों के निरंतर प्रयासों और निगरानी के बाद 30 हाथियों के एक झुंड को सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र से बाहर निकाल लिया गया है।"
झारखंड के गिरिडीह जिले में पिछले सात दिनों से जारी तनावपूर्ण स्थिति पर अब विराम लग गया है। करीब 30 हाथियों का एक विशाल झुंड, जो वन क्षेत्र में डेरा जमाए हुए था, उसे वन विभाग और त्वरित कार्रवाई दल (QRT) की टीम ने कड़ी निगरानी के बाद सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया है। ये हाथी उसरी-बराकर नदी के संगम के पास महेशपुर गांव से होते हुए आगे बढ़ गए हैं।
इस चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान वन अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य हाथियों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों, उनके पालतू पशुओं और अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित रखना था। अधिकारियों ने बताया कि पूरे क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी गई ताकि मानव-हाथी संघर्ष जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति को पूरी तरह टाला जा सके।

हालांकि, इस झुंड के विचरण के कारण कुछ क्षेत्रों में संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। कई स्थानों पर मकानों की बाउंड्री टूटने और किसानों की फसलों के बर्बाद होने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग ने प्रभावित ग्रामीणों से अपील की है कि वे निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन कार्यालय में जमा करें ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके।
सहायक वन संरक्षक एसके रवि के अनुसार, ग्रामीणों से प्राप्त होने वाले आवेदनों की गहन जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, नियमों के अनुरूप पात्र लोगों को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। फिलहाल, वन विभाग ने राहत की सांस ली है और क्षेत्र में हाथियों की आगे की गतिविधियों पर निगरानी जारी है।





