

"झारखंड सरकार ने राज्य में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 26 कैदियों को रिहा करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी प्रमंडलों में ओपन जेल खोलने के भी निर्देश दिए हैं।"
झारखंड सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को लेकर एक महत्वपूर्ण और मानवीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण पर्षद की बैठक में 79 मामलों की विस्तृत समीक्षा के बाद 26 कैदियों की रिहाई पर सहमति बनी है।
बैठक में कैदियों के जेल में बिताए गए समय, उनके आचरण, कानूनी प्रावधानों और संबंधित जिलों के पुलिस व जेल अधीक्षकों की रिपोर्ट को आधार बनाकर यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार न्याय के साथ-साथ सुधारात्मक दृष्टिकोण पर जोर दे रही है।
हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिहा होने वाले कैदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी प्रमंडलों में ओपन जेल स्थापित करने के लिए भूमि चिह्नित करने और मानसिक रूप से बीमार कैदियों का अलग डेटाबेस तैयार करने का भी आदेश दिया है।
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा और विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





