

"झारखंड सरकार ने JSSC-CGL और JPSC समेत 22 प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द कर दिया है, जबकि 23 अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच CID को सौंप दी गई है।"
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए JSSC-CGL समेत कुल 22 प्रमुख परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही, 23 अन्य परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की जांच का जिम्मा CID को सौंपा गया है।
इस निर्णय से प्रभावित होने वाली प्रमुख परीक्षाओं में JPSC की 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा, CDPO (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां शामिल हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सिविल सेवा के 342 पदों सहित कुल सैकड़ों भर्तियां इस फैसले के दायरे में आ गई हैं।
सरकार का यह कदम छात्रों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन का नतीजा माना जा रहा है, जो लगातार परीक्षा में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। फिलहाल, इस फैसले के बाद छात्रों ने अपना प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। अब सभी की निगाहें CID जांच की रिपोर्ट और नई परीक्षा तिथियों के ऐलान पर टिकी हैं।





