

"झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की पहली बैठक में इसरो एटलस से प्राप्त 2119 संभावित वेटलैंड्स के वैज्ञानिक प्रबंधन और सीमांकन का निर्णय लिया गया है।"
रांची में आयोजित झारखंड राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के पर्यावरण संरक्षण हेतु बड़ा कदम उठाया है। बैठक में राज्य की आर्द्रभूमियों (वेटलैंड्स) के संरक्षण, सीमांकन और दस्तावेजीकरण को लेकर अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि इसरो (ISRO) एटलस के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2119 संभावित वेटलैंड्स की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय समितियों को इन स्थलों का भौतिक सत्यापन करने और वैज्ञानिक तरीके से इनका प्रबंधन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेटलैंड्स राज्य की जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अनिवार्य हैं।
सरकार की योजना के तहत, प्रत्येक महत्वपूर्ण वेटलैंड के लिए एक विशिष्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इन क्षेत्रों में अतिक्रमण रोकने और जल निकायों के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने वेटलैंड्स के व्यवस्थित डेटाबेस और प्रभावी निगरानी प्रणाली विकसित करने पर चर्चा की।





