

"झारखंड के गिरिडीह में हाथ दर्द का इलाज कराने गए युवक की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने क्लिनिक में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर पर लापरवाही व बिना लाइसेंस क्लिनिक चलाने का आरोप लगाया।"
गिरिडीह के पचम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या-28 निवासी राज कुमार पासवान की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने नगर थाना क्षेत्र के बक्सीडीह स्थित एनके सिन्हा क्लिनिक में जमकर हंगामा किया।
परिजनों का आरोप है कि राज कुमार केवल हाथ में दर्द की शिकायत लेकर क्लिनिक पहुंचे थे। डॉक्टर द्वारा दवा और इंजेक्शन दिए जाने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मौत की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग क्लिनिक परिसर में जमा हो गए और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने यह दावा भी किया कि क्लिनिक का संचालन बिना वैध लाइसेंस के किया जा रहा था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।
वहीं, डॉ. एनके सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज को प्राथमिक उपचार के तहत इंजेक्शन दिया गया था, जिसके बाद वह क्लिनिक के बाहर बैठा था और अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि वे एमबीबीएस डॉक्टर हैं, लेकिन जिस क्लिनिक में इलाज किया जा रहा था, उसका लाइसेंस नहीं है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





