

"बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने गई 'मां काली' ट्रॉलर पिछले 8 दिनों से लापता है, जिसमें 15 मछुआरे सवार थे। बचाव कार्य जारी है।"
बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने गई एक ट्रॉलर के रहस्यमय तरीके से लापता होने से हड़कंप मच गया है। 'मां काली' नामक यह ट्रॉलर 2 जुलाई को पश्चिम बंगाल के शंकरपुर फिशिंग हार्बर से रवाना हुई थी, लेकिन खराब मौसम और समुद्र में निम्न दबाव के कारण इसका संपर्क टूट गया।
इस हादसे में कुल 15 मछुआरे लापता हैं। इनमें से 3 मछुआरे ओडिशा के बालेश्वर जिले के भोगराई ब्लॉक के उलुदा गांव के निवासी हैं, जिनके नाम रबिंद्र माझी, जगन्नाथ माझी और जयराम माझी बताए गए हैं। शेष 12 मछुआरे पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों के हैं।
दीघा फिशरमेन एंड फिश ट्रेडर्स एसोसिएशन ने घटना की सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियों और मरीन पुलिस को सतर्क कर दिया है। शंकरपुर फिशरमैन एंड फिश ट्रॉलर्स एसोसिएशन के सचिव शंकर नायक ने लापता लोगों की तलाश के लिए भारतीय नौसेना और हेलीकॉप्टर की मदद लेने की अपील की है। फिलहाल समुद्र में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान जारी है, लेकिन 8 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग न मिलने से परिजनों में भारी चिंता है।

