

"ऑपरेशन नवजीवन-II के तहत झारखंड में 16 खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिसमें 15 लाख का इनामी कमांडर भी शामिल है।"
झारखंड में माओवादी संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। राज्य पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर के संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन नवजीवन-II’ के तहत 16 सक्रिय नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।
झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्र समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। सरेंडर करने वालों में 15 लाख रुपये का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य संतोष महतो समेत कई जोनल और सब-जोनल कमांडर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी नक्सली पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा और असीम मंडल के सबसे करीबी और भरोसेमंद दस्ते का हिस्सा थे।
सुरक्षा बलों ने इस अभियान के दौरान 11 आधुनिक हथियार और 1,562 कारतूस भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई माओवादी संगठन की रीढ़ पर सीधा प्रहार है। वर्ष 2026 में अब तक 93 नक्सलियों की गिरफ्तारी, 45 का सरेंडर और 22 के मुठभेड़ में मारे जाने के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने संगठन को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत अब हिंसा का रास्ता छोड़ने वाले इन नक्सलियों को मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर प्रदान किया गया है, जबकि बचे हुए नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी रहेगा।





