

"मणिपुर में हिंसा को रोकने के लिए सरकार ने अवैध हथियार रखने वालों को 15 दिन की मोहलत दी है, साथ ही सुरक्षा बलों ने अब तक 1,422 हथियार बरामद किए हैं।"
मणिपुर में लंबे समय से जारी हिंसा को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पहाड़ी और घाटी के निवासियों को अवैध हथियार जमा करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर हथियार जमा नहीं किए गए, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। हथियार स्थानीय विधायक या पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। यह घोषणा इंफाल स्थित 1st बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) मुकेश सिंह के अनुसार, 5 फरवरी से 12 अगस्त 2026 के बीच सुरक्षा बलों ने एक विशेष अभियान में 1,422 आग्नेयास्त्र, 7,000 से अधिक राउंड कारतूस और 1,137 विस्फोटक बरामद किए हैं। इस दौरान कुल 491 उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रांसपोर्टरों से अवैध वसूली करने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में शांति बहाल करने के लिए वह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) जैसे कड़े प्रावधानों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगी। 3 मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से राज्य में शांति और सद्भाव कायम करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
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