

"झारखंड के गढ़वा जिले में मकान की नींव खोदते समय एक प्राचीन लोहे की तिजोरी मिली है, जिसमें 1880 के दशक के सिक्के पाए गए हैं।"
झारखंड के गढ़वा जिले के रंका बाजार में उस समय हड़कंप मच गया जब मकान निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से एक प्राचीन लोहे की तिजोरी निकली। मकान मालिक विनोद गुप्ता अपने घर की नींव के लिए JCB से खुदाई करवा रहे थे, तभी बकेट किसी भारी धातु से टकराया। खुदाई करने पर मिली इस तिजोरी ने स्थानीय लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है, जिसे करीब 146 साल पुराना बताया जा रहा है।
तिजोरी को बाहर निकालते समय JCB के बकेट के दबाव से उसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उसके भीतर रखे तांबे के सिक्के बाहर निकल आए। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिक्कों पर 1880 के दशक की तारीखें अंकित हैं, जो इस ऐतिहासिक खोज को और भी महत्वपूर्ण बनाती हैं। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर तिजोरी को अपने कब्जे में ले लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तिजोरी को किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचे, इसके लिए अब इसे मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खोला जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो पाएगा कि सिक्कों के अलावा तिजोरी के भीतर और कौन-सी बेशकीमती वस्तुएं या दस्तावेज मौजूद हैं।
मकान मालिक ने दावा किया है कि इस तिजोरी का संबंध उनके पूर्वजों रामदूत शाह, नन्हकू शाह और लक्ष्मण शाह से हो सकता है। हालांकि, इतने दशकों तक जमीन के नीचे यह तिजोरी किसके द्वारा और किन परिस्थितियों में छिपाई गई थी, यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है। फिलहाल पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन इसकी ऐतिहासिक प्रामाणिकता की जांच करने की तैयारी कर रहे हैं।





