

"झारखंड की 108 एम्बुलेंस सेवा में धांधली और 'मित्रवाद' के आरोपों को लेकर भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से तीखे सवाल पूछे हैं।"
झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भाजपा ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर सीधा हमला बोलते हुए पूरी एम्बुलेंस व्यवस्था को 'मित्रवाद' और 'मनपसंद लोगों' के संरक्षण में चलाने का गंभीर आरोप लगाया है।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने एक प्रेस वार्ता में सवाल उठाया कि आखिर सम्मान फाउंडेशन (पटना) को एम्बुलेंस सेवा का जिम्मा किस आधार पर सौंपा गया। उन्होंने पूछा कि यदि चयन प्रक्रिया पारदर्शी थी, तो सरकार इसके तकनीकी और वित्तीय मानकों का ब्योरा सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।
पार्टी ने दावा किया कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सम्मान फाउंडेशन को हटाने की घोषणा के बावजूद, छह महीने तक उसी एजेंसी से काम क्यों लिया गया? साथ ही, टेंडर प्रक्रिया की अंतिम तिथि बार-बार बढ़ाए जाने पर भी संदेह जताया गया। भाजपा का आरोप है कि एम्बुलेंस खरीद में भी अनियमितताएं बरती गईं और ऐसे वेंडर को काम दिया गया जिसे एम्बुलेंस निर्माण का अनुभव नहीं था, जिसके परिणामस्वरूप सेवा का बुरा हाल है।
भाजपा ने मांग की है कि सम्मान फाउंडेशन को किए गए भुगतान का हिसाब सार्वजनिक हो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, वेतन के लिए संघर्ष कर रहे एम्बुलेंस चालकों और कर्मचारियों के बकाया भुगतान की भी मांग की गई है।





