

"इजरायल और तुर्की के बीच सीरियाई सैन्य गतिविधियों और गाजा युद्ध को लेकर तनाव चरम पर है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुर्की को सख्त लहजे में चेतावनी दी है।"
इजरायल और तुर्की के बीच हालिया दिनों में कूटनीतिक और रणनीतिक तनातनी एक नए स्तर पर पहुंच गई है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक टीवी इंटरव्यू में तुर्की को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इजरायल को अपनी सुरक्षा के लिए तुर्की जैसे उभरते प्रतिद्वंद्वियों से निपटने की आवश्यकता है।
नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन के बयानों का जिक्र करते हुए कहा, 'वे समझते हैं कि हम उन्हें निशाना बनाएंगे। हम अपना काम पूरा करेंगे।' हालांकि, उन्होंने अपनी संभावित कार्रवाई की प्रकृति को स्पष्ट नहीं किया। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब सीरिया दोनों देशों के बीच रणनीतिक टकराव का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
तनाव का मुख्य कारण सीरिया में सैन्य मौजूदगी को लेकर मतभेद हैं। हाल ही में इजरायल ने उत्तरी सीरिया स्थित एक सैन्य अड्डे पर हमला किया था, जिसे तुर्की ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और 'आक्रामक नीति' करार दिया है। वहीं, गाजा युद्ध और हमास के साथ तुर्की के संबंधों को लेकर भी दोनों देशों के बीच लंबे समय से गहरी खाई बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि दोनों देशों के बीच सीधे युद्ध की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन इस सैन्य गतिरोध ने क्षेत्रीय अस्थिरता का जोखिम काफी बढ़ा दिया है। अमेरिका ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्र में संयम बरतने की अपील की है।



