

"जमशेदपुर में शहीद निर्मल महतो की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की अस्मिता की रक्षा का संकल्प लेते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला।"
जमशेदपुर में शहीद निर्मल महतो की शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की राजनीतिक स्थिति और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड की एकता और अखंडता को कमजोर करने की कोशिश करने वाली ताकतें कभी अपने मंसूबों में सफल नहीं होंगी।
सभा को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा, "जब तक सूरज-चांद रहेगा, निर्मल दा का नाम रहेगा।" उन्होंने कहा कि यह केवल एक नारा नहीं बल्कि झारखंड आंदोलन की उस चेतना का प्रतीक है, जिसे शहीदों ने अपने संघर्षों से सींचा है। सीएम ने याद दिलाया कि आदिवासी-मूलवासी समाज की लंबी लड़ाई और हजारों लोगों की कुर्बानियों के बाद ही अलग राज्य का सपना साकार हुआ था।
विपक्ष पर सीधा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने लंबे समय तक राज्य पर शासन किया, उन्होंने कभी भी मूल निवासियों के हितों की रक्षा नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की व्यवस्था में आम लोगों को सिर्फ भय और शोषण ही मिला।
अंत में, मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने के लिए एकजुट रहें। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखंड के लोग किसी भी साजिश को नाकाम करने में सक्षम हैं और राज्य की विरासत को आगे बढ़ाना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।





